स्तन कैंसर के प्रति झिझक छोड़ें, शुरुआती जांच से संभव है पूर्ण इलाज - KGMU
रिपोर्ट, अकील अहमद
लखनऊ | किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल ऑनकोलॉजी विभाग द्वारा स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों, समय पर निदान, आधुनिक उपचार विधियों तथा इस बीमारी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों व झिझक को दूर करने के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में 50 कैंसर सर्वाइवर्स और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। इनमें से 15 सर्वाइवर्स ऐसे हैं जो पिछले 5 वर्षों से पूरी तरह कैंसर मुक्त जीवन जी रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे मरीज भी शामिल थे जिन्हें अंतिम चरण का ट्यूमर था, लेकिन सही समय पर मिले इलाज से वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से विभाग में ऑन्कोप्लास्टी और निप्पल स्पैरिंग सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही हैं। इनसे न्यूनतम निशान के साथ सर्जरी की जाती है और मरीज के स्तन को सुरक्षित बचा लिया जाता है।
प्रो. संजीव मिश्रा ने स्तन कैंसर की गंभीरता और इसके जोखिम कारकों पर प्रकाश डालते हुए नियमित सजगता पर जोर दिया।
प्रो. विजय ने बताया कि स्तन में गांठ का होना या निप्पल से रक्त आना इसके प्राथमिक लक्षण हैं।
डॉ. नसीम ने कहा कि शुरुआती स्टेज पर पहचान होने से बीमारी के ठीक होने और ब्रेस्ट बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है, इसलिए किसी भी लक्षण पर झिझक या शर्म न करें।
डॉ. शिवराजन ने स्तन कैंसर से जुड़ी आवश्यक जांचों और उनके समय पर परीक्षण के महत्व की जानकारी दी।
प्रो. डॉ. राजीव ने कैंसर उपचार में रेडियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. पुनीत ने मरीजों को कैंसर इलाज हेतु उपलब्ध सरकारी आर्थिक सहायता योजनाओं के बारे में अवगत कराया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और प्रेरणादायक अनुभव
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कैंसर सर्वाइवर जया और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत एक जागरूकता लघु नाटक रहा। इसके साथ ही 'पिंक वॉरियर्स' की महिला सदस्यों ने अपने संघर्ष और रिकवरी के अनुभव साझा किए, जिसने उपस्थित मरीजों और उनके परिवारों में सकारात्मक सोच व आत्मविश्वास का संचार किया।

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