यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ आक्रोश, सामान्य वर्ग ने खोला मोर्चा

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ आक्रोश, सामान्य वर्ग ने खोला मोर्चा

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ आक्रोश, सामान्य वर्ग ने खोला मोर्चा

शिक्षा नीति में समानता की मांग।

नियम वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

रायबरेली में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए प्रस्तावित नियमों को लेकर विरोध की आग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और किसान संगठनों ने इसे 'काला कानून' करार देते हुए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और सरकार से इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की गुहार लगाई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश सिंह ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि यूजीसी द्वारा लाए जा रहे यह नियम देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरी असमानता और भेदभाव पैदा करने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों के माध्यम से सामान्य वर्ग को जानबूझकर हाशिये पर धकेलने की एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी लोकतांत्रिक देश की शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि एक वर्ग के अधिकारों का हनन कर दूसरे को अनुचित लाभ पहुंचाना। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस भेदभावपूर्ण नीति को जल्द वापस नहीं लिया, तो सामान्य वर्ग व्यापक स्तर पर उग्र आंदोलन और सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक और जागरूक युवा मौजूद रहे, जिन्होंने नीति के विरोध में जमकर नारेबाजी की।

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