उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर क्षेत्रवासियों ने जताई आपत्ति

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर क्षेत्रवासियों ने जताई आपत्ति

PPN NEWS

 अमित श्रीवास्तव/ ब्यूरो चीफ

कैंट क्षेत्रवासियों ने कहा—भूमि विवाद को उपमुख्यमंत्री से जोड़ना तथ्यहीन; रेलवे और नगर निगम के दस्तावेज़ों की आधिकारिक जाँच हो


लखनऊ। कूड़ा घर की भूमि पर पार्क निर्माण को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में क्षेत्रवासियों ने उपमुख्यमंत्री  ब्रजेश पाठक के संबंध में सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई। क्षेत्रवासियों ने कहा कि उपलब्ध जानकारी और प्रस्तुत दस्तावेज़ों के अनुसार यह मामला रेलवे और नगर निगम के बीच भूमि उपयोग तथा पार्क निर्माण से संबंधित है। इसमें उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका का कोई प्रमाण उनके संज्ञान में नहीं है।


क्षेत्रवासियों ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगाने अथवा उनके विरुद्ध आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने से पहले तथ्यों और आधिकारिक अभिलेखों की जाँच आवश्यक है। उन्होंने जगदेई यादव से अपील की कि यदि उनके पास भूमि, पार्क निर्माण या स्वामित्व से संबंधित कोई वैध दस्तावेज़ या दावा है, तो उसे प्रशासन, रेलवे, नगर निगम और अन्य सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष प्रस्तुत करें। क्षेत्रवासियों ने कहा कि विवाद का समाधान व्यक्तिगत आरोपों या सोशल मीडिया टिप्पणियों से नहीं, बल्कि विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया से होना चाहिए।


उपमुख्यमंत्री को विवाद में घसीटने पर सवाल

सतबीर सिंह राजू (वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखनऊ व्यापार मंडल) ने कहा कि पार्क निर्माण से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार भूमि रेलवे की बताई गई है और नगर निगम के साथ एमओयू के आधार पर इसे जनहित में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की भूमिका से संबंधित कोई आधिकारिक दस्तावेज़ या प्रमाण सामने नहीं आया है।


उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को भूमि या पार्क निर्माण को लेकर आपत्ति है, तो वह संबंधित विभागों के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है, लेकिन किसी संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के विरुद्ध अपमानजनक और कथित रूप से भ्रामक टिप्पणियां करना उचित नहीं है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से भी अनुरोध किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित बयानों और आरोपों की तथ्यात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।


वर्तमान पार्षद श्गिरीश मिश्रा ने कहा कि भूमि संबंधी किसी भी दावे, आरोप या विवाद का समाधान सरकारी अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड, रेलवे दस्तावेज़ों और न्यायालयीन प्रक्रिया के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण किसी जनप्रतिनिधि को विवाद में जोड़ना जनहित में नहीं है और इससे वास्तविक मुद्दा भटकता है।


कूड़ा और प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए पार्क निर्माण

गुरुद्वारा अध्यक्ष निर्मल सिंह ने बताया कि क्षेत्रवासी लंबे समय से कूड़े, जलभराव, दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या से परेशान थे। बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता था, जबकि सर्दियों में कूड़ा जलाए जाने से धुएँ और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती थी। बच्चों और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भी कठिनाई होती थी।


उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों ने तत्कालीन महापौर संयुक्ता भाटिया से समस्या के स्थायी समाधान का अनुरोध किया। उनके सहयोग से तत्कालीन डीआरएम  सपरा से संपर्क कर स्थल निरीक्षण और पार्क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।


रेलवे और नगर निगम के बीच एमओयू

पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया ने बताया कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार संबंधित भूमि रेलवे की है और उसका खसरा संख्या 515 बताया गया है। उनके अनुसार, तत्कालीन डीआरएम ने अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया और जनहित तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भूमि को पार्क के रूप में विकसित करने पर विचार किया गया।


उन्होंने बताया कि नगर निगम में संबंधित प्रस्ताव पारित हुआ और रेलवे के डीईएन तथा नगर आयुक्त द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में शिलान्यास कर विकास कार्य शुरू किया गया। पार्क की चारदीवारी, सड़क और सीवर से संबंधित कुछ कार्य पूरे किए जाने की जानकारी दी गई। इन कार्यों की स्वीकृति और वर्तमान स्थिति का सत्यापन संबंधित विभागों के अभिलेखों से किया जा सकता है।


भूमि स्वामित्व और न्यायालयीन स्थिति की आधिकारिक जाँच की मांग


क्षेत्रवासी रमेश जी ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार भूमि के संबंध में कोई प्रभावी न्यायालयीन स्थगनादेश होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित न्यायालय और सक्षम प्राधिकरण के अभिलेखों से ही की जा सकती है।


एडवोकेट  सुरेन्द्र सिंह बक्शी ने कहा कि कुछ पक्ष खसरा संख्या 535 से 545 तक का उल्लेख कर रहे हैं, जबकि पार्क के लिए चिन्हित भूमि का खसरा संख्या 515 बताया गया है। वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों, रेलवे रिकॉर्ड और अन्य आधिकारिक दस्तावेज़ों के मिलान से स्पष्ट होगी। उन्होंने भूमि, एमओयू, पार्क निर्माण और न्यायालयीन स्थिति की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच की मांग की।


राजेन्द्र सिंह राजू ने कुछ व्यक्तियों पर भूमि पर कब्ज़े का प्रयास करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि किसी व्यक्ति को भू-माफिया या कब्ज़ेदार कहने से पहले सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय की पुष्टि आवश्यक है।


आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के विरुद्ध की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जनप्रतिनिधि की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे बयानों की जाँच कर यह स्पष्ट किया जाए कि वे तथ्यात्मक हैं या भ्रामक।


क्षेत्रवासियों ने सभी पक्षों से अपील की कि वे किसी भी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध व्यक्तिगत, अपमानजनक या अपुष्ट आरोप लगाने से बचें। यदि किसी व्यक्ति के पास कोई वैध दस्तावेज़ या शिकायत है, तो उसे सक्षम प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। क्षेत्रवासियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि भूमि विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराना और उपमुख्यमंत्री के संबंध में फैलाए जा रहे कथित भ्रम को दूर करना है।


स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण


क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया कि पार्क निर्माण का उद्देश्य कूड़े और प्रदूषण की समस्या का समाधान, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित स्थान को जनहित में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।


उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि भूमि के स्वामित्व, खसरा संख्या, एमओयू, पार्क निर्माण और न्यायालयीन स्थिति से संबंधित शंकाओं का समाधान आधिकारिक अभिलेखों और सक्षम प्राधिकरण की जाँच से कराया जाए। अपुष्ट आरोपों और आपत्तिजनक भाषा से बचते हुए तथ्यात्मक एवं विधिक प्रक्रिया अपनाई जाए।


प्रेस वार्ता में श्री राम कुमार वर्मा, प्रेम कृपलानी, बीबी रविन्दर कौर, दिलप्रीत सिंह विर्क, राजेन्द्र सिंह बग्गा लक्की, औकांर सिंह पनेसर, रतपाल सिंह गोल्डी, भूपिन्दर सिंह पिन्दा, इकबाल सिंह, परविन्दर सिंह तथा अनेक क्षेत्रवासियों ने हिस्सा लिया।


क्षेत्रवासियों का उद्देश्य है—

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के विरुद्ध किए जा रहे कथित भ्रामक और आपत्तिजनक प्रचार की तथ्यात्मक जाँच, कूड़े और गंदगी से मुक्ति, पर्यावरण की रक्षा तथा आने वाली पीढ़ी के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर पार्क का निर्माण।

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