वन ट्रिलियन डॉलर की राह में बड़ा दांव, शहरों को वैश्विक मानकों पर गढ़ने और बिजली क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के निर्देश

वन ट्रिलियन डॉलर की राह में बड़ा दांव, शहरों को वैश्विक मानकों पर गढ़ने और बिजली क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के निर्देश

वन ट्रिलियन डॉलर की राह में बड़ा दांव, शहरों को वैश्विक मानकों पर गढ़ने और बिजली क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के निर्देश

नगर विकास और ऊर्जा विभाग की भूमिका बढ़ाने पर मंत्री का जोर

वैश्विक मानकों पर शहर गढ़ने और ऊर्जा में निवेश बढ़ाने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को रफ्तार देने के लिए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने गुरुवार को संगम सभागार में दोनों विभागों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं, परियोजनाओं और मौजूद संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। मंत्री ने साफ कहा कि अब इस सोच के साथ तेजी से काम करना होगा कि इस लक्ष्य में दोनों विभागों का योगदान कैसे और बढ़ाया जाए।

नगर विकास विभाग की समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश के नगर निगमों और नगरीय निकायों का राजस्व लगातार बढ़ रहा है। विकास परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के लिए काम में तेजी भी लाई जा रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि निकायों की आमदनी बढ़ाने के साथ परियोजनाओं को समय से पूरा करना जरूरी है, ताकि शहरों में बुनियादी सुविधाओं का दायरा बढ़े और स्थानीय अर्थव्यवस्था को ताकत मिले।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के शहरों को वैश्विक नगरों की कतार में पहुंचाने के लिए बड़ी सोच अपनानी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि दुनिया के विकसित और आधुनिक शहर किन मानकों और व्यवस्थाओं पर चल रहे हैं, इसका अध्ययन कराया जाए। इन प्रमुख मानकों की पहचान कर उन्हें उत्तर प्रदेश के शहरों में लागू करने की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही उन्होंने ई-नगर सेवा योजना को मौजूदा जरूरतों के हिसाब से नए सिरे से तैयार करने और ज्यादा असरदार बनाने पर खास जोर दिया। मंत्री के मुताबिक, बेहतर नगरीय सेवाओं, निकायों की बढ़ी आय और परियोजनाओं के सही अमल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत छतों पर सोलर संयंत्र लगाने की रफ्तार दोगुनी हो गई है। बायो एनर्जी और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) बिजली बेचकर भी कमाई कर रहा है।

मंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं का पूरा फायदा उठाने पर जोर देते हुए कहा कि विभाग की योजनाओं और परियोजनाओं को आर्थिक नजरिए से भी परखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे तकनीकी पहलुओं की पहचान करने को कहा, जिनकी वजह से संसाधनों और चल रही गतिविधियों का अपेक्षित मूल्य संवर्धन नहीं हो पा रहा है। मंत्री ने कहा कि इन बिंदुओं पर गहन मंथन कर जरूरी सुधार किए जाएं, ताकि ऊर्जा क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ आर्थिक लाभ भी पक्का हो सके।

बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद ने ऊर्जा विभाग में निवेश बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने निवेश की संभावनाओं का दायरा बढ़ाने और प्रदेश में ऊर्जा से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रयास तेज करने पर जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरु प्रसाद, एमडी यूपीपीसीएल नीतीश कुमार, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार, यूपीनेडा के निदेशक रविंद्र कुमार, अपर निदेशक नगरीय निकाय रितु सुहास समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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