थार की टक्कर से युवक की मौत के बाद भारी हंगामा, पुलिस ने 8 नामजद समेत 150 अज्ञात लोगों पर दर्ज की एफआईआर
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- Updated: 22 June, 2026 21:28
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थार की टक्कर से युवक की मौत के बाद भारी हंगामा, पुलिस ने 8 नामजद समेत 150 अज्ञात लोगों पर दर्ज की एफआईआर
तेज रफ्तार थार की टक्कर से मण्डौली निवासी युवक की मौके पर ही मौत, परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर लगाया दो घंटे लंबा जाम।
पुलिस कार्य में बाधा डालने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और लाठी-डंडों के बल पर हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने शुरू की विधिक कार्रवाई।
काकोरी लखनऊ। लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गोलाकुआँ हरदोई रोड पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें मलिहाबाद की तरफ से बेहद तेज रफ्तार में आ रही एक काले रंग की थार गाड़ी ने गोलाकुआँ मस्जिद के पास रोड पार कर रहे मण्डौली निवासी 26 वर्षीय युवक हिमालय राज को जोरदार टक्कर मार दी। थार की टक्कर इतनी भयानक थी कि युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक राज कुमार पुलिस बल के साथ और थाना प्रभारी भी अतिरिक्त पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए, जहां ग्रामीणों और मृतक के परिजनों की भारी भीड़ जमा थी।
जब पुलिस प्रशासन ने मृतक के शव को पंचनामा और विधिक कार्रवाई के लिए उठाना चाहा, तो उत्तेजित परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। भीड़ ने मृतक के शव को हरदोई-लखनऊ मुख्य राजमार्ग पर रखकर बीच सड़क पर जाम लगा दिया और हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिस व राहगीरों के साथ गाली-गलौज व अभद्रता करने लगे। पुलिस अधिकारियों द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देने के बावजूद भीड़ लगातार उग्र होती गई, जिससे राजमार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान वहां से गुजर रही कई एम्बुलेंस और मरीजों को पुलिस ने बेहद मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थिति को बिगड़ता देख थाना प्रभारी द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचित कर अतिरिक्त बल की मांग की गई, जिसके बाद पारा व दुबग्गा थाने की पुलिस फोर्स के साथ दो प्लाटून पी.ए.सी. को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और बताया कि क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा लागू की गई बिना अनुमति पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, लाठी-डंडा या हथियार लेकर चलने और सार्वजनिक शांति भंग करने पर रोक लगाने वाली निषेधाज्ञा लागू है, जिसका उल्लंघन किया जा रहा है। करीब दो घंटे तक चले इस भारी हंगामे और वीडियो व फोटोग्राफी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रात करीब 11:00 बजे शव को मोर्चरी भिजवाया और यातायात सामान्य कराया।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव दोबारा गांव ले जाया जा रहा था, तब फिर से परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ शव को हाईवे पर रखकर जाम लगाने के इरादे से आगे बढ़े। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अतिरिक्त बल और एसडीएम मलिहाबाद को मौके पर बुलाकर भीड़ को गोलाकुआँ अंडरपास पर ही रोक दिया और समझा-बुझाकर ज्ञापन लेते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
इस पूरे मामले में पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, दंगा करने, सार्वजनिक मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने के संबंध में गैरकानूनी जनसमूह का हिस्सा होने (धारा 190), बलवा करने (धारा 191(2)), गलत तरीके से रास्ता रोकने (धारा 127(2)), सार्वजनिक मार्ग पर संकट या बाधा उत्पन्न करने (धारा 285), लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा करने (धारा 223(b)), लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाने या हमला करने (धारा 352/132), लोक सेवक को डराने (धारा 221) और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 8B के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने वीडियो व स्थानीय इनपुट के आधार पर जगदीश गौतम, जोधीलाल, एजाज, सतेन्द्र, अनुप, राजेश, महेश और रवि को नामजद किया है, जबकि करीब 150 अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ काकोरी थाने में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार यादव को सौंप दी है।

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