निजीकरण के विरुद्ध आर-पार की जंग: 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की तैयारी

निजीकरण के विरुद्ध आर-पार की जंग: 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की तैयारी

निजीकरण के विरुद्ध आर-पार की जंग: 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की तैयारी

निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों, किसानों और ट्रेड यूनियनों ने मिलाया हाथ।

बजट सत्र में बिजली संशोधन बिल लाने पर 'लाइटनिंग एक्शन' की दी चेतावनी।

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने 12 फरवरी 2026 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को लेकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के बिजली कर्मियों ने संयुक्त किसान मोर्चा और सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए साझा अभियान तेज कर दिया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि किसानों और आम उपभोक्ताओं के अधिकारों को बचाने का एक बड़ा संघर्ष है।

​समिति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील करते हुए कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के फैसले को जनहित में तत्काल वापस लिया जाए। बिजली कर्मियों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए आश्वासन दिया कि यदि निजीकरण का निर्णय निरस्त होता है, तो वे पूरी निष्ठा के साथ प्रदेश की बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

​वहीं, केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देते हुए संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि संसद के वर्तमान बजट सत्र में 'इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025' को एकतरफा तरीके से पारित करने की कोशिश की गई, तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल कार्य बहिष्कार (लाइटनिंग एक्शन) कर देंगे। गुरुवार को निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 435वें दिन भी प्रदेशभर के जनपदों और बिजली परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन जारी रहा। 12 फरवरी को होने वाले इस प्रदर्शन में किसानों और श्रमिकों की बड़ी भागीदारी इसे एक जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी में है।

Comments

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *