स्नातक की 50 हजार छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी, बुजुर्ग महिलाओं के लिए बस यात्रा हुई फ्री
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- Updated: 26 August, 2026 16:04
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स्नातक की 50 हजार छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी, बुजुर्ग महिलाओं के लिए बस यात्रा हुई फ्री
अक्टूबर-नवंबर में स्नातक की 50 हजार मेधावी बेटियों को मिलेगी मुफ्त स्कूटी की सौगात।
‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना शुरू, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की बस यात्रा निशुल्क।
लखनऊ। बुधवार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर्व से पहले प्रदेश की नारी शक्ति को कई महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्नातक स्तर पर पढ़ाई कर रही 50 हजार बेटियों को अक्टूबर और नवंबर के महीने में निशुल्क स्कूटी वितरित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की वरिष्ठ महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई है। रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं और उनके एक सहकर्मी के लिए तीन दिनों तक निशुल्क बस यात्रा की सुविधा भी लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब चूल्हे से निकलकर चेक, कारोबार और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उत्तर प्रदेश में साढ़े 12 करोड़ की आबादी महिलाओं की है और सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा नेतृत्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य में बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार की गई है। उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से अपील की कि वे रक्षाबंधन पर अपने भाइयों के साथ-साथ सीमा पर तैनात सैनिकों और पुलिस जवानों को भी रक्षासूत्र बांधें।
इतिहास के संदर्भ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, आध्यात्मिक विरासत और महिला स्वावलंबन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया था। उनके सम्मान में प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी जैसे प्रमुख जनपदों में कामकाजी महिलाओं के लिए आधुनिक छात्रावासों का निर्माण कराया जा रहा है, जहां प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के रहने की निशुल्क व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की हर योजना पर बिचौलियों और कमीशनखोरी का साया रहता था और बेटियां असुरक्षा के कारण सपने देखने से भी कतराती थीं। पूर्व में महिला कार्यबल की सहभागिता मात्र 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और सरकार का लक्ष्य इसे 50 प्रतिशत तक ले जाने का है। आज सेफ सिटी नेटवर्क, हेल्पलाइन प्रणाली और महिला पुलिस बीट व्यवस्था के माध्यम से सुरक्षा का सुदृढ़ वातावरण तैयार किया गया है।
पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले केवल 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, जिनकी संख्या बढ़कर 45,000 हो चुकी है और आगामी भर्तियों के बाद यह आंकड़ा 50,000 पार कर जाएगा। इसके अलावा तीन महिला पीएसी बटालियनों की स्थापना की गई है। कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, उज्ज्वला योजना, स्वामित्व योजना और डिजिटल उद्यमिता के जरिए महिलाओं को सीधे आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह, उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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